बाबा रामदेव चाहते हैं सरकार वैदिक एजुकेशन बोर्ड खोले

योग गुरु बाबा रामदेव नें मानव संसाधन मंत्रालय से ये दरख्वास्त की है कि सरकार वैदिक एजुकेशन बोर्ड खेलने पर भी विचार-विमर्श करे.

New Delhi, Sep 6 : बीजेपी सरकार की छत्रछाया में तेजी और मजबूती से उभरे योग गुरु बाबा रामदेव नें मानव संसाधन मंत्रालय से ये दरख्वास्त की है कि सरकार वैदिक एजुकेशन बोर्ड खेलने पर भी विचार-विमर्श करे. ताकि इससे आरएसएस और आर्य समाज द्वारा चलाये जाने वाले संस्थानों को भी फायदा मिल सके. दरअसल अब तक यह संस्थान सीबीएसई द्वारा मान्यताप्राप्त नहीं हैं.

आने वाली पीढ़ी के लिए पारंपरिक शिक्षा पर जोर देते हुए योग गुरु रामदेव ने एक बार फिर मंत्रालय से गुजारिश की है कि वे इस पर विचार कर इसकी ओर कदम बढ़ाएं. हालांकि, पूर्व मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी पहले इस प्रस्ताव को ठुकरा चुकी हैं. इसकी बजाय उन्होंने वैदिक शिक्षा के लिए “वेद विद्या” के स्थापना की बात कही थी. यह सीबीएसई द्वारा संचालित की जाती है.

रामदेव के करीबी सहयोगी बालकृष्ण भी इसके लिए तत्कालीन मानव संसाधन मंत्री से मिले हैं और उन्होंने बाबा रामदेव का सुझाव उनके आगे रखा. इसी मामले में अंग्रेजी अखबार के हवाले से प्रकाश जावड़ेकर कहते हैं कि सभी लोग उनसे मिलने आते हैं और बालकृष्ण उनसे सिर्फ दवा के लिए मिलने आये थे. वैदिक बोर्ड क्या है ?

  • यदि योग गुरु के इस प्रपोजल पर सरकार काम करती है तो सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट , 1860 के दायरे में इस बोर्ड की स्थापना की जाएगी.
  • इसे लेकर भारतीय यूनिवर्सिटी समूह और सीबीएसई की मान्यता की दरकार होगी, ताकि यहां से पढ़े छात्र किसी भी तरह की परेशानी का भविष्य में सामना ना करें.
  • इस प्रपोजल के मान लिए जाने के बाद आर्य समाज और आरएसएस से मान्यताप्राप्त स्कूल और संस्थान सीधे लाभान्वित होंगे.

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