बाबा बोले तो बालकृष्ण…कभी बैंक अकाउंट नहीं था…आज 25 हजार करोड़ के मालिक

योग गुरु रामेदव के साथी आचार्य बालकृष्‍ण इस समय देश के सबसे अमीर लोगों की लिस्ट में टॉप- 5 में शामिल हो गए हैं। कितनी दौलत है  इस बाबा के पास ?

New Delhi, 15 Sep : क्या आप यकीन करेंगे कि जिस शख्स के पास पिछले 5 साल पहले एक बैंक अकाउंट तक नहीं थठा आज वो शख्स 25 हजार करोड़ से ज्यादा की संपति का मालिक है ? जी हां ये ही सच है और ये कर दिखाया है बाबा रामदेव के शिष्य और पतंजलि आयुर्वेद के प्रमोटर आचार्य बालकृष्ण ने। इस वक्त बाबा के पास इतनी आसामी है कि वो देश के टॉप बिजनेसमैन को खुली टक्कर दे रहे हैं। कभी कर्ज लेकर अपने बिजनेस की शुरुआत करने वाले इस बाबा की कहानी भी बड़ी दिलचस्प है। कड़ी लगन, कड़ी मेहनत का नतीजा ये है कि आज पतंजलि ब्रांड भारत के चहेते ब्रांड्स की टॉप लिस्ट में आ गया है। ये ही वो बाबा हैं जिनके पास 5 साल पहले एक बैंक अकाउंट तक नहीं था और आज तमाम बैंक अकाउंट खुलवाने के लिए उनके चक्कर काटते हैं।

दरअसल बाबा रामदेव के सबसे करीबियों में कहे जाने वाले बालकृष्ण आज देश के टॉप अमीरों की लिस्ट में शामिल हो गये हैं। चीन की मैगजीन हुरुन ने दावा किया है कि इस बाबा के पास 25 हजार 600 करोड़ की संपत्ति है। मैगजीन में ये भी लिखा गया है कि पतंजलि का टर्नओवर सालाना 5 हजार करोड़ रुपये है। चीनी मैगजीन हुरुन की इस रिपोर्ट के मुताबिक बाबा के पास पतंजलि के करीब 94% शेयर हैं। वहीं बाबा रामदेव की बात करें तो वो पतंजलि के सिर्फ ब्रांड प्रमोटर हैं। हाल ही में ‘इंडिया रिच लिस्ट-2016’ मैगजीन में आचार्य को 339 भारतीयों की  लिस्ट में 25वें नंबर पर रखा गया है। रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज की एक रिपोर्ट कहती है कि पतंजलि आयुर्वेद का 2013-14 में कुल मुनाफा करीब 95.19 करोड़ रुपये था।

इसके अलावा रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज की रिपोर्ट में लिखा गया है कि 2013-14 के बाद 2014-15 में पतंजलि आयुर्वेद का मुनाफा 196.31 करोड़ के करीब हो गया यानी एक साल के भीतर इस मुनाफे  108% से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई। यहां आपको बता दें कि पतंजलि कि बाबा आईफोन का इस्तेमाल तो करते हैं लेकिन अपने ऑफिस में वो कंप्यूटर का बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं करते। बालकृष्ण विशुद्ध हिंदी में बात करने पर भरोसा रखते हैं, साथ ही कुर्ता और धोती उनके फेवरेट परिधान हैं। एक रिपोर्ट कहती है कि आचार्य पतंजलि से कोई वेतन भी नहीं लेते हैं। बाबा को इस मुकाम पर लाने के लिए उनकी कड़ी मेहनत और लगन भी है। वो सिर्फ काम पर भरोसा करते हैं और अपने सहयोगियों को भी ये ही सलाह देते हैं।

बालकृष्ण रोजाना ऑफिस में 15 घंटे काम करते हैं और हफ्ते में एक भी दिन छुट्टी नहीं लेते हैं। एक बार उन्होंने मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्होंने कर्ज़ लेकर ये काम शुरू किया था। उन्हें एक NRI दंपति इस काम को शुरू करने के लिए कर्ज दिया था। 1995 में उन्होंने बाबा रामदेव के स्‍वामी शंकर देव के आश्रम में ही दि‍व्‍य फार्मेसी की शुरुआत की थी। वहां उन्‍होंने आयुर्वेद और हर्बल दवाईयां तैयार करना शुरू किया था। बाबा रामदेव की जैसे जैसे लोकप्रियता बढ़ती गई वैसे वैसे बालकृष्ण को भी कंपनी चलाने के लिए फंड मिलना शुरू हो गया था। साल 2006 में पतंजलि‍ आयुर्वेद एक प्राइवेट  फर्म के तौर पर तैयार की गई थी। इसके बाद  से पतंजलि अब तक कई तरह के प्रोडक्ट बाजार में उतार चुका है।

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